जंगली सूअर का हुआ पोस्टमार्टम… शरीर पर टंगिया, तीर व गोली के थे निशान…

  • एसडीओ ने कहा, जप्त बोलेरो वाहन होगी राजसात
  • वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के धारा 9 के तहत हुई है जवानों पर कार्यवाही

जगदलपुर. शुक्रवार रात वाहन चालक समेत सीआरपीएफ 80 बटालियन के तीन जवानों को कथित जंगली सूअर का शिकार करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. उक्त मामले में आज मृत सूअर का पोस्टमार्टम किया गया, जिसमे चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं. वहीँ वन विभाग जप्त वाहन को राजसात करने की तैयारी कर रही है.

विदित हो की शुक्रवार रात लगभग ग्यारह बजे वन अमले को सूचना मिली थी एक बोलेरो वाहन में सीआरपीएफ 80 बटालियन के तीन जवान दिलीप कुमार मिश्रा (वाहन चालक), सिपाही सत्यजीत पिता शरद और देवसाय पिता रामपाल; जंगली सूअर का शिकार कर नया बस स्टैंड स्थित कैंप की ओर रवाना हुए हैं. एसडीओ एसआर खूंटे सहित वन अमले की टीम परपा नाके के पास तैयार बैठा था. अमले को देखकर बोलेरो चालक वाहन को तेज़ रफ़्तार से भगाने लगा और जिला पंचायत भवन के पास वाहन को रोककर तलाशी ली गयी थी. तलाशी के दौरान वाहन में एक जंगली सूअर का शव बरामद किया गया था. बोलेरो वाहन के दोनों ओर अलग-अलग नंबर के प्लेट लगे हुए थे.

इस मामले में एसडीओ एसआर खूंटे ने मीडिया को बताया की मृत सूअर के शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है. प्रथम दृष्टया रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा सकता है की दरभा क्षेत्र के जंगलों में सूअर पर टंगिया, तीर और गोली से हमला किया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है की आदिवासी इलाकों में ग्रामीण परंपरागत पारद अर्थात शिकार पर जाते हैं जहाँ उन्होंने तीर धनुष से वार किया होगा, जिससे उसकी मौत हो गयी. लेकिन शिकार एक-दो दिन पूर्व किया गया है जिससे सूअर के शव से अत्यधिक बदबू आ रही थी. आरोपियों पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के धारा 9 के तहत कार्यवाही की गयी है और चालान व जांच रिपोर्ट शाम तक न्यायालय में पेश कर दिया जायेगा. घटना में प्रयुक्त वाहन को भी राजसात किया जायेगा. विदित हो की इस इलाके में जंगली सूअरों से कई वारदातें होती थी, जिससे ग्रामीण हमेशा भयबीत रहते थे.

इधर 80 बटालियन के कमांडेंट जेनी अनल ने कहा है की मेरे जवान गश्त पर जंगलों में निकले थे तो उन्हें घायल अवस्था में वह सूअर मिला, जिसकी सूचना मुझे जवानों द्वारा दी गयी थी. इस पर जवानों को मैंने आदेशित किया की उक्त सूअर को इलाज़ हेतु तुरंत जगदलपुर कैंप में लेकर आयें, इसी बीच वन अमले द्वारा जवानों को पकड़ लिया गया.

देर शाम तक वन अमले द्वारा कुम्हड़ाकोट के जंगलों में आज मृत सूअर का पंचनामा कर अंतिम संस्कार कर दिया गया है. बताया जा रहा है की उक्त मृत सूअर को जलने में ही तीन-चार घंटे का समय लग गया.

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