अपने चहेते नेता को मंत्री पद दिलाने लामबद्ध हुए समर्थक

जगदलपुर। अभी-अभी संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने तो अपना बहुमूल्य मत देकर कांग्रेस पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिला दी, लेकिन मुख्यमंत्री चुने जाने से लेकर मंत्रियों की छटाई तक पार्टी को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री के केबिनेट में मंगलवार को 9 मंत्रियों ने शपथ ले ली है और एक पद अब भी खाली है। इस एक पद को लखेश्वर बघेल को दिलाने हेतु उनके लगभग 1500 से अधिक समर्थकों ने बुधवार को बस्तर के पास कई घंटों तक चक्काजाम कर रखा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में बस्तर के पास सुबह से ही जिला कांग्रेस महामंत्री अनिल पांडे के नेतृत्व में लगभग 1500 से अधिक समर्थक अपने विजयी हुए विधायक लखेश्वर बघेल को मंत्री पद दिलाने हेतु लामबद्ध हो रहे थे। इस बीच पुलिस ने भी मोर्चा संभाल रखा था।

कई घंटों तक चले इस गुत्थम-गुत्थी के बीच जहां बस्तर के रियाज खान, बकावंड के जगमोहन व शिवराम बिसोई, मधु निषाद, तारापुर के सरपंच आयतु, ईश्वर पटेल, जैतगिरी से आलोक तिवारी, करपावंड से सुरेश गुप्ता व कांता प्रसाद ने अगुवाई करते हुए मोर्चा सम्भाल रखा था, वहीं पुलिस विभाग के दर्जनों अधिकारी व जवान इन्हें समझाने व राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारू रूप से बहाल करने में लगे हुए थे। इस बीच दो-तीन बार समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की झूमा-झटकी की भी नौबत आई लेकिन मामले को सम्भाल लिया गया।

मालूम हो कि 59 वर्षीय लखेश्वर बघेल क्षेत्र के एक सक्रीय कांग्रेसी नेता हैं और इस क्षेत्र में इनका जनाधार भी काफी अच्छा है। इसी के चलते साल 2013 के विधानसभा चुनाव में 19,168 मतों से विजयी हुए थे और इस बार के चुनाव में भी अपने प्रतिद्वंद्वी सुभाऊ राम कश्यप को लगभग 33 हजार मतों से ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुये परास्त किया। अब ये समर्थक अपने जनप्रिय नेता को मंत्री पद दिलाने हेतु एक होकर सड़क की लड़ाई में उतर चुके हैं। लेकिन आने वाला वक्त ही बतायेगा कि चुने गए 9 कैबिनेट मंत्रियों रविन्द्र चौबे, प्रेमसाय सिंह, मो. अकबर, कवासी लखमा, शिव डहरिया, अनिल भेडिय़ा, जय सिंह अग्रवाल, रूद्र गुरू सहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का फैसला ऊंठ किस करवट बैठा है की कहावत को चरितार्थ करता है या नहीं।

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