शहर के चौक-चौराहे काफी चौडीं और आकर्षक बन गयीं हैं – प्रवीर कृष्ण

जगदलपुर. बस्तर को ट्राईबल हब के रूप में विकसित किया जायेगा. यहां पर दो शोरूम की स्थापना की जा रही है. जहां पर सभी प्रकार के ट्राइबल कलाकृतियों को संग्रहित कर देश के विभिन्न क्षेत्रों में ट्राईफेड आउटलेट के माध्यम से विक्रय किया जायेगा. इसके लिए स्थानीय कोसा सेंटर व शहीद पार्क के पास नवनिर्मित भवन में रिटेल काउंटर 13 फरवरी की दोपहर 11.30 बजे खोला जा रहा है. उक्त बातें ट्राईफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने 12 अप्रैल की शाम स्थानीय एक रिसॉर्ट में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही.

उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के सातों जिलों के 10-15 हजार कलाकारों को जोडक़र पूरे देश में उनके द्वारा निर्मित सामानों को अच्छे मूल्यों में बेचने का कार्य किया जायेगा. इस तरह से लगभग 100 करोड़ का व्यवसाय किये जाने का लक्ष्य है. इसमें पूरे देश में ट्राईफेड के 100 विक्रय केन्द्रों पर इनके द्वारा बनाये गये सामानों का विक्रय होगा, साथ ही साथ ई-कामर्स के माध्यम से भी हस्तशिल्प वस्तुओं का विक्रय ट्राईफेड द्वारा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है, जिससे ट्राईबल सामानों का अधिक से अधिक मूल्य कलाकारों को प्राप्त हो सके.

प्रवीर कृष्ण ने बताया कि लघुवनोपज का उचित मूल्य के साथ ही उनका प्रसंस्करण कर अधिक मूल्य दिलाने के लिए भी ट्राइफेड योजना बनाकर कार्य कर रही है. जिसके तहत सातों जिलों में 30-30 लोगों के 10-10 समुह के बनाकर 300 लोगों को ट्राईफेड से जोडक़र ग्रामीण स्वयं निर्माण कर अपने सामानों को विक्रय करें इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जायेगा ताकि वे इसे लघुउद्योग के रूप में घरों में ही स्थापित कर अधिक आर्थिक लाभ ले सके. उन्होंने बताया कि इमली फोडक़र उसकी चपाती बनाकर अच्छे दामों में बेचा जा सकता है. अधिम मात्रा में होने पर उसे मंडी के माध्यम से भी विक्रय कर सकते है. इसी तरह महुआ, चिरोंजी एवं अन्य लघुवनोपजों को भी खरीदी कर उसे वेल्यू एडेड प्रोडक्ट बनाकर विक्रय किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को ही अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मेहनत करनी होगी. ट्राइफेड उन्हें ज्ञान एवं तकनीक उपलब्ध करा सकता हे. प्रत्येक समुहों को 5 लाख रूपये तक की मदद भी व्यवसाय के लिए दी जायेगी. जिसके द्वारा लगभग 50 लाख की लागत से 300 परिवारों को सम्मानजनक आय प्राप्त हो सकेगा.

उन्होंने बस्तर जिला कलेक्टर के रूप में कार्य के अनुभव का स्मरण करते हुए कहा कि आमजनों एवं मीडिया के सहयोग से ट्राइफेड की योजना निश्चित ही सफल होगी. उन्होंने शहर में हुए विकास कार्यो की भी तारिफ करते हुए कहा कि सडक़े एवं चौक चौराहे काफी चौड़े एवं आकर्षक बन गये है. नगरनार इस्पात संयंत्र के प्रारंभ होने से शहर का और भी अधिक विकास हो सकेगा. इस अवसर पर पद्दश्री धरमपाल सैनी, बचेका के अध्यक्ष ऋषि हेमाणी, पूर्व अध्यक्षद्वय किशोर पारख और पुखराज बोथरा के साथ अन्य खेल संघों के पदाधिकारी एवं सदस्य गण भी उपस्थित थे.

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