अब विवेचक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से करेंगे जांच… जल्द पकड़े जायेंगे आरोपी

  • तीन दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का हो रहा आयोजन, सोमवार अंतिम दिन

जगदलपुर. क्राइम के बाद विवेचकों द्वारा विभिन्न प्रकरणों की जांच अब वैज्ञानिक दृष्टिकोण से की जाएगी. इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा तीन दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है. इसके अलावा अन्वेषण की प्रक्रिया और उससे सम्बंधित न्याय दृष्टान्तों के सम्बन्ध में भी विवेचकों को जानकारी दी गयी.

शनिवार से सोमवार तक चलने वाले इस कार्यशाला में सम्पूर्ण संभाग से विवेचक हिस्सा ले रहे हैं. इसी क्रम में आज पहले दिन वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी भीम सिंह राजपूत द्वारा एनडीपीएस के अपराध के अन्वेषण की प्रक्रिया एवं उससे सम्बंधित न्याय दृष्टान्तों के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी. वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. पी. एन. अग्रवाल द्वारा वैज्ञानिक तरीके से विवेचना के सम्बन्ध में विवेचकों को समझाया गया. अंतिम पाली में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी प्रमोद कुमार धृतलहरे द्वारा मान. उच्चतम न्यायालय द्वारा भा. द. वि. की धारा 498(ए) के अपराध में पारित मार्गदर्शी सिद्धांत के क्रियान्वयन एवं अन्य महत्वपूर्ण न्याय दृष्टान्त के सम्बन्ध में व्याख्या की गयी. ऍफ़एसएल से सम्बंधित बारीकी परिक्षण व घटना स्थल से प्राप्त भौतिक साक्ष्य को सुरक्षित रखने के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ऍफ़एसएल के सेवानिवृत्त संचालक डॉ. बी. सूरी बाबू ने दी.

इस कार्यशाला के दुसरे दिन रविवार को मान. सत्र एवं जिला न्यायाधीश राम कुमार तिवारी द्वारा विवेचना में सुधार एवं क़ानूनी प्रक्रिया सहित चालान प्रस्तुतीकरण के विषय में जानकारी दी जाएगी. इसी क्रम में मान. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अच्छे लाल काछी द्वारा भा. द. वि. की धारा 498(ए) के अपराध में पारित मार्गदर्शी सिद्धांत के सम्बन्ध में विवेचकों को विस्तार से समझाया जायेगा. विभिन्न आपराधिक प्रकरणों के अनुसन्धान की खामियों के विषय में भीम सिंह राजपूत द्वारा जानकारी प्रदान की जाएगी. ऍफ़एसएल के वरिष्ठ वैज्ञानिक एस. पी. राय द्वारा घटना स्थल से अपराध का साक्ष्य एकत्रित करने के विषय में विवेचकों को समझाया जायेगा. कारगर पुलिसिंग में सोशल मीडिया का महत्त्व एवं उसके प्रयोग के विषय में जानकारी देने के लिए बस्तर सोशल मीडिया टीम द्वारा जानकारी दी जाएगी.

इस कार्यशाला के तृतीय व अंतिम दिन विवेचकों को साइबर क्राइम के विषय में साइबर एक्सपर्ट डॉ. किस्लय चौधरी जानकारी प्रदान करेंगे, जिसमें सीडीआर एवं सीडीआर एनालिसिस से सम्बंधित जानकारी दी जाएगी. बस्तर पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा एवं अधीक्षक आरिफ एच. शेख द्वारा क्रमश: उक्त प्रशिक्षण के सम्बन्ध में ब्रीफिंग दी जाएगी.

इस पुरे कार्यशाला के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बस्तर पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि इस ट्रेनिंग प्रोग्राम से विवेचकों को किसी घटना में विवेचना करने में आसानी तो होगी ही, साथ ही साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी जानकारी एकत्रित करने में सफलता हासिल होगी. इस प्रकार की कार्यशालाओं से क्राइम के पश्चात मुजरिम को जल्द पकड़ने में भी सफलता मिलेगी.

कार्यशाला के दौरान पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सहित डीआईजी सुन्दरराज पी., बस्तर पुलिस अधीक्षक आरिफ एच. शेख और विभाग के कई आला अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.

कार्यशाला में उपस्थित आधिकारीगण एवं विवेचक
कार्यशाला में उपस्थित आधिकारीगण एवं विवेचक
कार्यशाला में उपस्थित आधिकारीगण एवं विवेचक
कार्यशाला में उपस्थित आधिकारीगण एवं विवेचक
कार्यशाला में उपस्थित आधिकारीगण एवं विवेचक
कार्यशाला में उपस्थित आधिकारीगण एवं विवेचक

One thought on “अब विवेचक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से करेंगे जांच… जल्द पकड़े जायेंगे आरोपी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *