चैम्बर से तकलीफ नहीं, वर्तमान बॉडी से है परेशानी – जगदीश भूरा

जगदलपुर. मेन रोड मामला और इसमें बचेका के व्यापारियों की परेशानी ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है. कल रात से लेकर आज बचेका के बैठक तक मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का अम्बार लगा हुआ था, जो की शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है. चैम्बर की ओर से इस बात का दबाव बनाने का प्रयास किया गया की व्यापारी अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहे हैं. इसी मामले को लेकर बचेका कार्यालय में आज एक अहम् बैठक आनन-फानन में रखी गयी थी.

विदित हो की कल इसी मामले को लेकर बचेका के 60 से अधिक सदस्यों ने अपना सामूहिक इस्तीफा दिया था और सदस्यता राशि की वापसी की मांग की थी.

बस्तर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स और उसके सदस्यों के बीच मेन रोड में हो रहे चौडीकरण और उससे होने वाली परेशानियों के बीच आज बचेका कार्यालय में एक अहम् बैठक ली गयी. इस बैठक में बचेका के पूर्व कार्यकारिणी समिति और वर्तमान में पदस्थ कार्यकारिणी के मध्य आरोप-प्रत्यारूप का दौर चलता रहा. 60 से अधिक इस्तीफा दिए सदस्यों के द्वारा कई मामलों में अध्यक्ष ऋषि हेमाणी और वर्तमान कार्यकारिणी के ऊपर आरोप लगाये जाते रहे. इस मामले में व्यापारियों का कहना था की अगर उनके हितों में मेन रोड मामले की रूपरेखा तैयार की जाएगी तो वे अपने इस्तीफे के विषय में विचार करेंगे.

चैम्बर से तकलीफ नहीं, वर्तमान बॉडी से है परेशानी – जगदीश भूरा

इस सम्बन्ध में बचेका के कार्यकारिणी सदस्य जगदीश भूरा ने एक स्वर में बताया की चैम्बर को सुधारने की आवश्यकता है. चाटुकारिता को अहम् बिंदु बताते हुए उन्होंने कहा की मेन रोड का मामला प्रशासनिक कार्य है जो चैम्बर के दायरे में नहीं आता है. उन्होंने जोर देते हुए कहा की इस मामले में ऋषि हेमाणी से व्यापारियों की नाराज़गी तो थी, लेकिन इस पुरे मामले को राजनितिक मंच का रूप दिया जा रहा था. उन्होंने कहा की राजनितिक व्यक्ति होने से पहले मैं एक व्यापारी हूँ, और इनका साथ देना मेरा कर्तव्य है.

भूरा ने बताया की इस मामले को राजनितिक रूप दिए जाने के कारण मुझमे भी रोष था और बैठक में इस बात को मैंने प्रमुखता से रखा और कहा की चैम्बर एक परिवार की तरह है और व्यापारियों की समस्या को दूर करने के लिए बचेका हमेशा तत्पर है और इस पर विचार भी किया जा रहा है.

विचार-विमर्श के पश्चात ही कोई फैसला लिया जायेगा – ऋषि हेमाणी

इस सम्बन्ध में बचेका अध्यक्ष ऋषि हेमाणी ने कहा की सदस्यों की चैम्बर के प्रति आस्था से मैं खुश हूँ, और चैम्बर के हित में ही हम सदैव खड़े हैं. आठ सदस्यीय कोर टीम बनाने के पश्चात विचार-विमर्श कर कलेक्टर से मुलाकात की जाएगी, और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए ही कोई फैसला लिया जायेगा.

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