1993 में कोंटा सीट पर ऐसा क्या हुवा जानने के लिये यहाँ करें क्लिक-रोचक किस्सा

जगदलपुर(एस.करीमुद्दीन)अविभाजीत मध्य प्रदेश के दौरान बस्तर जिले के कोंटा विधान सभा क्षेत्र में 1993 चुनाव के समय  मतगणना के दौरान एक अजीब स्थिति उत्पन्न हो गयी थी , जिसमें कांग्रेस का प्रत्याशी धनसाय डेरा और  कम्युनिष्ठ का प्रत्याशि मनीष कुंजाम के बीच कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा.जिसके चलते मतगणना के पहले चरण में कांग्रेस के प्रत्याशी धनसाय डेरा लगभग 40 वोटो से विजयी घोषित किया गया.गाजा बाजा के साथ  कांग्रेस की विजयी जुलूस निकाला गया.इसी दौरान भारतीय कम्नुष्ठि पार्टी मनीष कुजाम ने पुनः मतगणना किये जाने की मांग की,बड़े जददोजहद के बाद जिला तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी प्रेम चंद मीणा ने  पुनः मतगणना करने की स्वीकृति दी और जीत का अंतर कम होने के कारण यह निर्णय लिया गया कि पुनः मतगणना को बस्तर जिले मे पदस्थ लगभग 52 जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार तीन बार पुनः मतगणना किया गया, मतगणना के तीसरे चरण मे भारतीय कम्युनिष्ठ पार्टी के प्रत्याशी बहुत कम वोटो से आगे रहे,जिला निर्वाचन अधिकारी प्रेम चंद मीणा ने  25 वोटो से भारतीय कम्युनिष्ठ पार्टी के प्रत्याशी मनीष कुंजाम  को विजयी घोषित किया गया. इस दौरान कांग्रेस और भारतीय कमयुनिष्ठ पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच नोंकझोंक होने से तीन बार पुनः मतगणना करना पड़ा. जिसमें 15 जिला प्रशासनिक अधिकारी , 17 पुलिस प्रशासन अधिकारी और लगभग 18वन  अधिकारियों ने  इस पुनः मतगणना को अंजाम दिया,विभाजीत मध्य प्रदेश के  दौरान बस्तर जिले मे भारी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी , पुलिस अधिकारी तथा वन अधिकारी  पदस्थ हुआ करते थे.

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