नेटवर्क से जनता परेशान अधिकारी मालामाल

नोकिया कंपनी की अनुपयोगी सिस्टम से बीएसएनल के 2G टावर को अपग्रेड करने के नाम पर कराड़ों की बंदर बांट

जगदलपुर भारत संचार निगम लिमिटेड के जीएमटीडी कार्यालय बस्तर जगदलपुर द्वारा मोबाइल टावरों के दिए गए आंकड़े बेबुनियाद है जीएम तोषक कुमार मरकाम ने आयोजित पत्र वार्ता में बताया कि बस्तर में 2G के 18 और 3G के 53 टावर काम कर रहे हैं जबकि सुकमा में 99 2G और 214 3G के टावर काम कर रहे हैं इसमें आश्चर्यजनक तथ्य है कि सबसे पहले 3G लांच संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में हुई और यहां टावर ओं की संख्या इतनी कम है जिसके कारण संचार व्यवस्था पूरी तरह से लचर बनी हुई है वहीं हाल ही में बने जिले सुकमा में मोबाइल टावरों की संख्या चौंकाने वाली है छोटे से जिले में 214 3G के टावर बता कर अपने कृत्य को छुपाने का एक प्रयास मात्र है इसके अलावा अन्य जिलों में भी टावरों की संख्या बताई गई है जीएम बस्तर के द्वारा भविष्य में होने वाले टावरों की संख्या बताई जा रही है ना कि वर्तमान समय में उपलब्ध टावरों की संख्या । जीएम द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार कितने टावर और उसमें लगे सिस्टम मैं अगर इन टावरों की फ्रीक्वेंसी सही होती तो प्रधानमंत्री प्रवास के दौरान निजी कंपनी के चलित टावर को संचार व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए लगाना नहीं पड़ता। जो आंकड़े बताए जा रहे हैं वह चौकानेवाले आंकड़े हैं और इसमें कितने टावरों के सिस्टम काम कर रहे हैं कितने बंद पड़े हैं इसके संबंध में जनरल मैनेजर के द्वारा कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। राजनीतिक लाभ के लिए नेताओं के अनुसार यह टावर ओं की संख्या बताई जा रही है इतने टावर वर्तमान समय में बस्तर के किसी भी जिले में उपलब्ध नहीं है और जितनी उपलब्ध है उसमें भी मेंटेनेंस नहीं होने के कारण अधिकांश टावर की फ्रीक्वेंसी ठीक नहीं है। टावर ओं की स्थिति खुद ही बयां कर रही है कि वर्षों से इन टावरों का मेंटेनेंस नहीं किया गया है। जीएम मरकाम अब तक बस्तर के अधिकांश हिस्सों तक स्वयं भी नहीं पहुंच पाए हैं और एसी कमरे में बैठकर नेताओं की भाषा बोल रहे हैं।

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