अमिट स्याही का गहराता विवाद !

जगदलपुर/ (करीम )अत्यंत संवेदनशील सुकमा जिले के कोंटा विधान सभा क्षेत्र में अमिट स्याही नहीं लगाने के प्रस्ताव पर दो दलों में विवाद चल रहा है। दो दल स्याही नहीं लगाने के पक्ष में है। वहीं एक कांग्रेस दल स्याही लगाने के पक्ष में है। इनका कहना है कि स्याही नहीं लगने से फर्जी मतदान होगा।

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सुकमा कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने चुनाव आयोग को 38 मतदान केन्द्रों के मतदाताओं को अमिट स्याही नहीं लगाये जाने का प्रस्ताव भेजा था। जिस पर आयोग ने स्थानीय स्तर के राजनीतिक दलो से चर्चा करके निर्णय लेने का निर्देश दिया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज देव ने अपने बयान में कहा कि भारतीय कम्युनिष्ठ पार्टी द्वारा अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित मतदान केन्द्रों में अमिट स्याही के इस्तेमाल न करने का प्रस्ताव लाया गया। जो इस इलाके में लोकतंत्र विरोधियों से मतदाताओं को बचाने का एक बेहतर कदम होगा, और भारतीय जनता पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन करती है।
भारतीय कम्युनिष्ठ पार्टी के वरिष्ठ नेता रामासोढ़ी ने अपने बयान में कहा कि अंदरूनी इलाकों में नक्सली दहशत की वजह से वोट का प्रतिशत कम होता है। जो लोग वोट दे देते हैं उन्हैं हमेशा अप्रिय घटना होने का खतरा बना रहता है । श्री सोढ़ी ने कहा कि अमिट स्याही का इस्तेमाल नहीं होने से मतदाताओ की दहशत दूर होगी और दल इसका समर्थन करता है।

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कोंटा विधान सभा क्षेत्र से लगातार जीतने वाले कंग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा ने अमिट स्याही नही लगाने का विरोध किया है । कहा है कि इससे फर्जी मतदान बढ़ेगा और भारतीय जनता पार्टी का फर्जी वोट कराने का एक चाल है। श्री कवासी लखमा ने अपने बयान में कहा कि गांवों में एक ही नाम के दस लोग होते हैं और पंचायत चुनाव में एक आदमी कई वोट डाल देता है । उन्होने कहा कि देश में चुनाव आयोग निष्पिक्ष युचाव कराता है । अमिट स्याही का इस्तेमाल नहीं करने से चुनाव आयोग पर भी उंगलियां उठ सकती हैं। इसलिए 38 मतदान केन्द्रों पर अमिट स्याही न लगाने के सुझाव का पार्टी विरोध करती है ।

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