125वीं वाहिनी द्वारा रावघाट में हो रहे जनकल्याणकारी कार्य

कांकेर. 125 वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत रावघाट में जनकल्याणकारी कार्य किए गए. 125 वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल टेक हैड क्वाटर दंडकवन योगी कालेश्वर पीओवी में रावघाट माइनिंग प्रोजेक्ट की सुरक्षा हेतु सितंबर 2015 से जिला कांकेर के अंतर्गत तैनात है वाहिनी का मुख्य कार्य अपने क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों को रोकना और उन्हें पकड़ना है ताकि एरिया में सिविल मशीनरी सुचारु रुप से अपना कार्य कर सकें.

यह कार्य बंदूक की नोक पर नहीं किया जा सकता इस कार्य को विधिवत तरीके से अंजाम देने हेतु जरूरी है कि स्थानीय लोगों का विश्वास प्राप्त कर मुख्यधारा से जोड़ा जाए इस सोच के साथ 125 वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री हिदाम सुबोल सिंह व उनकी टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से क्षेत्र में जनकल्याणकारी कार्य सिविल एक्शन प्रोग्राम के तहत स्थानीय निवासियों की जरूरतों के अनुरूप सामान उपलब्ध करवाने का प्रोग्राम बनाया गया और क्षेत्र में पढ़ने वाले भैंसगांव, आतुरबेडा, खोका, गोटिया, गवारी, गरदा, भैयासाल्हेभाट फूलपाड, डांगरा, छोटेजैतपुरी, अंजरेल और टिमरू गांव के निवासियों में कृषि के उपकरण फावड़ा दरांती कुल्हाड़ी खुरपी बर्तन सिलाई मशीन साइकल उन्नत किस्म के बीज स्कूल की गणवेश साड़ी मच्छरदानी कंबल आदि वितरित किया गया वाहिनी द्वारा कुछ एक मुख्य कार्य किए गए जिनका विवरण इस प्रकार है:

चिकित्सा कैंप: 23 मार्च 2016 को अंजरेल गांव में चिकित्सा कैंप व जरूरत के अनुरूप सामग्रियों का वितरण अंजरेल गांव सीओबी दंडकवन से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जहां पर जाने का रास्ता घने जंगलों का पहाडि़यों से होकर गुजरता है श्री हिदाम सुबोल सिंह कमांडेंट डॉक्टर डी डब्ल्यू भूटिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अन्य जवानों के साथ अंजरेल गांव में 23 मार्च को सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया सभी दंडकवन से जलगांव तक सामग्री ले जाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य जैसे कहते हैं कि इरादा पक्का और हौसला बुलंद हो तो कोई कार्य कठिन नहीं होता इसी सोच के साथ 125 वाहिनी की पूरी टीम जिसमें श्री सिंह कमांडेंट भी शामिल थे, अपने-अपने कंधों पर पूरे समाज को लेकर जरेल गांव में पहुंचे जब पूरी टीम गांव में पहुंची तो गांव के लोग बीएसएफ के जवानों को सामान के साथ देख कर हैरान हो गए पूरा सामान कमांडेंट द्वारा ग्रामीणों में बांटा गया और डॉक्टर द्वारा स्थानीय लोगों का उपचार कर उन्हें दवाईयों का वितरण किया गया.

दंडकवन में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण: सीओबी दंडकवन में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण व उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री द्वारा प्रायोजित कौशल विकास योजना को ध्यान में रखते हुए लोगों के कल्याण हेतु उपयोगी दंडकवन में श्री हिदाम सुबोल सिंह कमांडेंट द्वारा 8 अप्रैल 2016 को सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया जिसमें तीन सिलाई मशीन उपलब्ध है और दूर-दूर के गांवों के लगभग 31 लड़कियां सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, इस सिलाई केंद्र के खुलने का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार लोगों को सिलाई प्रशिक्षण में निपूर्ण कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है वर्तमान में स्थानीय निवास अपने कपड़े सिलवाने के लिए अंतागढ़ जाते हैं जो लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर है जब यह लड़कियां सिलाई में पूर्ण प्रशिक्षित हो जाएंगी तो इनसे बीएसएफ के जवानों की वर्दी सिलवाई जाएगी जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल सकेगी सिलाई प्रशिक्षण के पश्चात प्रत्येक प्रशिक्षणार्थियों को एक एक सिलाई मशीन दी जाएगी. बीएसएफ के जाने के पश्चात भी यह सिलाई प्रशिक्षण केंद्र चलता रहे.

रावघाट मंदिर में पेयजल की व्यवस्था: बीएसएफ के जवानों द्वारा गांव घाट मंदिर में प्राकृतिक वसंत राव डूंगरी झील से 12 सौ फीट पाइप द्वारा पेयजल की व्यवस्था की गई रावघाट मंदिर एक प्राचीन मंदिर है और यह योगी दंडकवन के नजदीक है. अंतागढ़ से नारायणपुर स्टेट हाईवे संख्या 5 से जाने वाली सभी यात्री मंदिर में दर्शन व प्रार्थना के लिए रूकते हैं.

अस्पताल का निर्माण: ग्रामीणों की सुविधा के लिए कुल 9 बिस्तर का एक हस्पताल निर्माण यहां बीएसएफ के द्वारा किया गया है, जिससे वाहिनी डॉक्टर द्वारा लोगों का फ्री इलाज तथा उनके साथ आने वाले को रहने तथा खाने की फ्री व्यवस्था बटालियन द्वारा की जाती है सितंबर 2015 से सिविल हॉस्पिटल में वाहिनी डॉक्टर द्वारा अब तक 4366 आउट मरीज एवं 189 इन मरीजों का उपचार किया गया.

ग्रोसरी शॉप तथा कैंटीन का निर्माण: यहां ग्रोसरी शॉप तथा कैंटीन का लाभ हम लोगों को भी मिल सके इसके लिए अलग से परिसर के बाहर करवाया गया है जिसका लाभ यहां के ग्रामवासी तथा बस स्टैंड पर उतरने चढ़ने वाले सवारी उठा रहे हैं इस कार्य से भी सुरक्षा बल के प्रति लोगों में विश्वास बड़ा है.

यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टैंड का निर्माण: गर्मी तथा बारिश से लोगों के बचाव देने के लिए यात्री सुविधा हेतु बस स्टैंड का निर्माण यहां इेे के द्वारा किया गया है जिसके साथ पेयजल आपूर्ति तथा शौचालय का निर्माण किया गया है.

पशु आहार स्थल का निर्माण: क्षेत्र में पड़ने वाले गांव के पशु आमतौर पर जंगलों के सहारे पलते हैं किंतु गर्मी की लंबी अवधि में चारा की व्यवस्था के अभाव में इनकी दशा बिगाड़ने लगती है. हमारे विभिन्न मैस में वेजिटेबल फूड वेस्ट तथा अन्य भोजन पदार्थ को पशुआहर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. 125 वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल कमांडेंट श्री श्री हिदाम सुबोल सिंह की देखरेख में लोगों के दिल और दिमाग को जीतने में कामयाब हुई है.

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