चुनाव नक्सली वारदात

 

नक्सली बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में
नक्सली बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में

जगदलपुर 5 अक्टूबर।  बस्तर संभाग में चुनाव के दौरान नक्सली गतिविधियां तेज हो जाती है। चुनाव बहिष्कार के साथ – साथ कई घटनाओ को अंजाम देते हैं। यंहा तक कि चुनाव के दौरान हेलिकॉप्टर को भी अपना निषाना बनाया । जिसमें एक इंजीनियर की मौत हों गयी। हालाकि अब धीरे – धीरे घटनाएं कम होती जा रही है । परन्तु बारूदी सुरंग का सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है।

अधिकारिक जानकारी के अनुसार 2003 विधानसभा के चुनाव सम्पन हुये,इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार बनाई , चुनाव के दौरान नक्सलियों ने जमकर उन्माद फैलाया,आकड़े बताते है की 2003 के विधानसभा चुनाव में संभाग के सातों नक्सल प्रभावित जिलों में 85 हमले किये,आधिकारिक आकड़ो के अनुसार कांकेर जिले में 18,बीजापुर में 40,नारायणपुर में 13 कोंडागांव में 3 और सुकमा में 13 बड़े हमले नक्सलियों ने अंजाम दिये है,वर्ष 2003 के चुनाव में 16 विस्फोट किये 27 मतदान दल पर फायरिंग 47 ईवीएम मशीनों की लूट,2 थानों में हमला किया गया जबकि इस वर्ष सुरक्षाबलों के 6 जवान शहीद हुये और 1 घायल,नक्सलियों के चुनाव बहिष्कार के मद्देनजर राजनैतिक दलों के 2 नेताओं सहित 1 आमनागरिक की हत्या कर दी गई,नक्सलियों ने 4 वाहनों आग लागये,सर्चिंग के दौरान 2 आईईडी और 2 डेटोनेटर जप्त किये जबकि फोर्स और नक्सलियों के बीच 13 मुठभेड़े हुई.

2003 के मुकाबले नक्सलियों ने 2008 में अपनी गतिविधियां तेज कर दी। आंकड़े बताते हैं कि संभाग के सातों जिलों में चुनाव को प्रभावित करने नक्सली हमले हुये आकड़ो के अनुसार बस्तर में 5 हमले,दंतेवाड़ा में 9 कांकेर जिले में 20 ,बीजापुर में 12,नारायणपुर में 11,कोंडागांव में 17 और सुकमा में 18 नक्सली हमले हुए इस दौरान नक्सलियों ने 20 विस्फोट किए,पुलिस व मतदान पार्टी पर कुल 57 हमले हुए.सुकमा के पोडिया में हेलीकॉप्टर में भी नक्सलियों ने फायरिंग किए थे जिसमें एक इंजीनियर की मौत हुई थी.इसी प्रकार 22 ईवीएम मशीनो की लूट गए. इस वर्ष 4 चौकी थानों पर हमले किए गए,सुरक्षा बलों के 10 जवान शहीद हुए जबकि घायलों की संख्या 16 थी.एक मतदान कर्मी भी घायल हुआ था.2008 के विधानसभा चुनाव में 3 राजनीतिक दलों के नेताओं की हत्या कर दी गई जबकि एक एंटी लैंडमाइन को उड़ा दिया गया था तथा एक वाहन में आग लगा दी गई साथ ही साथ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से लूट व उनके वाहनों पर आगजनी जैसी घटना को अंजाम दिया गया. इस वर्ष पुलिस और नक्सलियों के बीच 55 मुठभेड़ में हुई जिसमें 3 नक्सली मारे गए थे तथा 16 नक्सली गिरफ्तार किए गए.9 हथियार भी इस दौरान जब हुए थे एक नक्सली कैम्प पर रेड,18 आईईडी तथा 8 डेटोनेटर सहित तीन कारतूस बरामद सुरक्षा बालो ने बरामद किया।

2003 और 2008 के मुकाबले 2013 के विधानसभा चुनाव में नक्सली हमलों में गिरावट दर्ज की गई.वर्ष 2013 में संपन्न विधानसभा चुनाव में नक्सलियों ने कुल 35 हमले किये। नक्सलियों द्वारा 8 विस्फोट,21 मतदान दल पर फायरिंग किये थे इस वर्ष 3 सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए जबकि 8 घायल हुए थे.1आम नागरिक की हत्या वह 1 घायल के मामले दर्ज हैजबकि एक वाहन में आगजनी तथा एक स्थान पर राजनीतिक कार्यकर्ता से लूट की घटना हुई थी.कुल 19 नक्सली मुठभेड़ इस वर्ष हुए तीन नक्सलियों की गिरफ्तारी एक हथियार जप्त हुए। जबकि 13 आईईडी व 3 डेटोनेटर बरामद हुये है.

आगामी 12 नंवबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव और यह चुनाव सुरक्षाबलों वालों के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है.चुनाव प्रक्रिया के प्रारंभ से ही नक्सली बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं. अब तक नक्सलियों ने दो बड़े हमले किए हैं जिसमें कुल 7 जवान शहीद हुए हैं जबकि दूरदर्शन के एक कैमरामैन की मौत नक्सली हमले में हुई है.नक्सलियों ने 2018 के चुनाव को लेकर बहिष्कार का ऐलान किया है जगह जगह बैनर पोस्टर के माध्यम से चुनाव का बहिष्कार करते हुए मतदाताओं को चुनाव में शामिल नहीं होने चेतावनी दी है.बस्तर में चुनाव आयोग तथा सुरक्षा बलों के लिए चुनाव संपन्न कराना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है.करीब 40,000 वर्ग किलोमीटर में फैले बस्तर इलाके में लौह-अयस्क का प्रचुर भंडार है.जनजाति बहुल इस इलाके में 12 विधानसभा क्षेत्र हैं.1980 के दशक के आखिर से यह बड़े नक्सलियों का पनाहगाह रहा है.केंद्र सरकार ने बस्तर में नक्सलियों का उन्मूलन करने के लिए राज्य के 25,000 पुलिसकर्मियों के अलावा अर्धसैनिक बल के करीब 55,000 जवानों को तैनात कर रखा है.चुनाव के लिए अतरिक्त 1 लाख फोर्स की तैनाती हुई है.बस्तर में नक्सली अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उनके प्रभाव का क्षेत्र काफी सिमटकर रह गया है लेकिन चुनाव की गहमागहमी के दौरान वे कुछ बड़ा नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं. वे या तो राजनेता, नौकरशाह, सुरक्षाकर्मी, मतदानकर्मियों या आम लोगों को बड़ा शिकार बनाना चाहते हैं, क्योंकि चुनाव को लेकर इलाके में इनकी आवाजाही शुरू हो गई है.

करीम 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *